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सारण में दहेज की मांग बनी जानलेवा, नवविवाहिता फांसी से लटकी मिली

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सारण: सारण जिले के भेल्दी थाना क्षेत्र अंतर्गत मकसूदपुर गांव में दहेज की मांग पूरी न होने पर एक नवविवाहिता की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतका की पहचान 22 वर्षीय निभा कुमारी, निवासी दिलीप कुमार की पत्नी के रूप में हुई है। घटना ने गांव और आसपास के क्षेत्रों में कोहराम मचा दिया है और पूरे गांव में मातम पसरा है।
जानकारी के अनुसार, निभा कुमारी की शादी बीते 5 दिसंबर को धूमधाम और पूरे रीति‑रिवाज के साथ संपन्न हुई थी। इस दौरान लड़की के परिवार ने अपनी आर्थिक स्थिति से अधिक देने की कोशिश की और दहेज के रूप में पांच लाख रुपये नकद तथा एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल प्रदान की।
हालांकि, शादी के कुछ ही दिनों बाद से ससुराल पक्ष द्वारा अतिरिक्त दहेज की मांगें शुरू हो गई। खासकर बुलेट मोटरसाइकिल की मांग को लेकर नवविवाहिता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। परिजनों का आरोप है कि लगातार प्रताड़ना और दहेज की मांग पूरी न होने के कारण ससुराल वालों ने उसे फांसी लगाकर हत्या कर दी और इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की।
घटना की रात, मृतका का पति जो हैदराबाद एयरपोर्ट पर कार्यरत है, मोबाइल पर अपनी पत्नी से बात कर चुका था। सुबह जब परिजनों ने कमरे का दरवाजा खोला, तो निभा का शव फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही भेल्दी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा।
पोस्टमार्टम के दौरान मृतका के परिजन भी अस्पताल पहुंचे और गहरे दुख और गुस्से में ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान अस्पताल में अपर थानाध्यक्ष राज शेखर और एएसआई मृत्युंजय कुमार ने पूरे मामले का जायजा लिया।
पुलिस ने घटना की जांच के लिए मृतका का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और कॉल डिटेल्स समेत अन्य तकनीकी सबूतों की समीक्षा शुरू कर दी है। पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि परिजनों के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि दहेज हत्या जैसी घटनाओं से परिवार और समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है। वे इसे सामाजिक न्याय, महिला सुरक्षा और कानूनी जवाबदेही के दृष्टिकोण से गंभीर मामला मानते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं सामाजिक चेतना बढ़ाने और कानून की सख्ती की आवश्यकता को और भी उजागर करती हैं।
इस घटना ने सारण जिले में दहेज प्रथा और महिलाओं की सुरक्षा पर नई बहस शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर दबाव है कि वे मामले की जांच निष्पक्ष और तेजी से करें, ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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